यजुर्वेद (अध्याय 25)
नि॒क्रम॑णं नि॒षद॑नं वि॒वर्त्त॑नं॒ यच्च॒ पड्वी॑श॒मर्व॑तः।यच्च॑ प॒पौ यच्च॑ घा॒सिं ज॒घास॒ सर्वा॒ ता ते॒ऽअपि॑ दे॒वेष्व॑स्तु ॥ (३८)
हे यज्ञ अश्व! आप का निकलना, बैठना, हिलना, पलटना, खानापीना आदि सभी क्रियाएं देवताओं के ही बीच में हों. (३८)
O sacrificial horse! All your activities like getting out, sitting, moving, turning, eating, drinking, etc. should be in the middle of the gods. (38)