यजुर्वेद (अध्याय 25)
इन्द्र॑स्य क्रो॒डोऽदि॑त्यै पाज॒स्यं दि॒शां ज॒त्रवोऽदि॑त्यै भ॒सज्जी॒मूता॑न् हृदयौप॒शेना॒न्तरि॑क्षं पुरी॒तता॒ नभ॑ऽउद॒र्येण चक्रवा॒कौ मत॑स्नाभ्यां॒ दिवं॑ वृ॒क्काभ्यां॑ गि॒रीन् प्ला॒शिभि॒रुप॑लान् प्ली॒ह्ना व॒ल्मीका॑न् क्लो॒मभि॑र्ग्लौ॒भिर्गुल्मा॑न् हि॒राभिः॒ स्रव॑न्तीर्ह्र॒दान् कु॒क्षिभ्या॑ समु॒द्रमु॒दरे॑ण वैश्वान॒रं भस्म॑ना ॥ (८)
क्रोड इंद्र देव, पैर अदिति देव, हंसली अदिति देव, मेढ़ाग्र अदिति देव, हृदय प्रदेश और नाड़ीप्रदेश अंतरिक्ष देव, पेट आकाश देव व फेफड़े चक्रवाक से संबंधित हैं. दोनों वृक्क (गुरदे) पर्वत देव, क्लोम वाल्मीकि देव, क्लोमादि गुल्म, रक्त शिराएं नदी, कांख हदय, पेट समुद्र व भस्म वैश्वानर से संबंधित हैं. (८)
Core Indra Dev, Foot Aditi Dev, Hansli Aditi Dev, Medhagra Aditi Dev, Hriday Pradesh and Nadi Pradesh are related to Antariksh Dev, Pet Akash Dev and Lung Chakravak. Both are related to Renal (Gurde) Parvat Dev, Klom Valmiki Dev, Klomadi Gulma, Rakta Shirain River, Kankh Hadya, Pet Samudra B Bhasma Vaishvanar. (8)