हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 26.16

अध्याय 26 → मंत्र 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उ॒च्चा ते॑ जा॒तमन्ध॑सो दि॒वि सद्भूम्याद॑दे। उ॒ग्रꣳशर्म॒ महि॒ श्रवः॑ ॥ (१६)
हे सोम! आप उच्चलोक के हैं. आप स्वर्गलोक में रहते हैं. आप हमे शरेष्ठ भूमि दीजिए. आप उग्र हैं. आप पृथ्वी पर स्रवित होइए (बहिए). आप सुख प्रदान करने की कृपा कीजिए. (१६)
O Mon! You belong to the higher world. You live in paradise. You give us the land. You're furious. You come to earth. Please give you happiness. (16)