हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 27.10

अध्याय 27 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उद्व॒यन्तम॑स॒स्परि॒ स्वः पश्य॑न्त॒ऽ उत्त॑रम्।दे॒वं दे॑व॒त्रा सूर्य॒मग॑न्म॒ ज्योति॑रुत्त॒मम् ॥ (१०)
हे सूर्य! आप देवों के देव हैं. हम अंधकार से ऊपर उठें और आत्मावलोकन करें (अपनेआप को देखें). हमें उत्तरोत्तर सुख मिले. हम सविता देव व सब से उत्तम ज्योति को प्राप्त करें. (१०)
O sun! You are the god of gods. Let us rise above the darkness and introspect (see for ourselves). May we get progressive happiness. Let us get Savita Dev and the best light. (10)