हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 27.20

अध्याय 27 → मंत्र 20 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
तन्न॑स्तु॒रीप॒मद्भु॑तं पुरु॒क्षु त्वष्टा॑ सु॒वीर्य॑म्। रा॒यस्पोषं॒ विष्य॑तु॒ नाभि॑म॒स्मे ॥ (२०)
त्वष्टा देव! अद्‌भुत, सर्वद्रष्टा, श्रेष्ठ वीर्य वाले और गतिमान हैं. वे देव हमें पोषक धन प्रदान करने की कृपा करें. (२०)
God! Amazing, omnipresent, superior semen and moving. May those gods please provide us with nutritious wealth. (20)