हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 27.32

अध्याय 27 → मंत्र 32 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
वायो॒ ये ते॑ सह॒स्रिणो॒ रथा॑स॒स्तेभि॒रा ग॑हि।नि॒युत्वा॒न्त्सोम॑पीतये ॥ (३२)
हे वायु! आप के जो हजारों रथ हैं, आप उन में घोड़े जोतिए. आप सोमरस पीने के लिए पधारिए. (३२)
O wind! The thousands of chariots you have, you plough horses in them. You come to drink somerus. (32)