हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 27.40

अध्याय 27 → मंत्र 40 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
कस्त्वा॑ स॒त्यो मदा॑नां॒ मꣳहि॑ष्ठो मत्स॒दन्ध॑सः।दृ॒ढा चि॑दा॒रुजे॒ वसु॑ ॥ (४०)
हे इंद्र देव! आप धनवान व सत्यवान हैं. कौन सी वस्तु आप को प्रिय है. आनंददायी है, जिस से आप यजमानों पर धन बरसाते हैं ? (४०)
O Indra Dev! You are rich and truthful. Which object is dear to you? Is it enjoyable, from which you shower money on the hosts? (40)