यजुर्वेद (अध्याय 32)
तदे॒वाग्निस्तदा॑दि॒त्यस्तद्वा॒युस्तदु॑ च॒न्द्रमाः॑।तदे॒व शु॒क्रं तद् ब्रह्म॒ ताऽआपः॒ स प्र॒जाप॑तिः ॥ (१)
परम पुरुष ही अग्नि है. वही आदित्य है. वही वायु है. वही चंद्रमा, प्रकाशमान च ब्रहाज्ञानी है. बही जल और वही प्रजापति है. (१)
The Supreme Personality of Godhead is Fire. That's Aditya. That's the air. The same moon is bright. The book is water and the same Prajapati. (1)