हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 33.64

अध्याय 33 → मंत्र 64 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
जनि॑ष्ठाऽउ॒ग्रः सह॑से तु॒राय॑ म॒न्द्रऽओजि॑ष्ठो बहु॒लाभि॑मानः।अव॑र्द्ध॒न्निन्द्रं॑ म॒रुत॑श्चि॒दत्र॑ मा॒ता यद्वी॒रं द॒धन॒द्धनि॑ष्ठा ॥ (६४)
हे इंद्र देव! आप लोगों द्वारा चाहे गए हैं. आप उग्र, साहसी, बुद्धिमान, वेगवान, ओजवान व बहुत अभिमानी हैं. हे इंद्र देव! (शत्रुनाश हेतु) देव माता अदिति ने आप को गर्भ में धारण किया. मरुदगणों ने निष्ठापूर्वक आप की स्तुति की है. (६४)
O Indra Dev! You are wanted by the people. You are fierce, courageous, intelligent, fast, energetic and very arrogant. O Indra Dev! Dev Mata Aditi conceived you in the womb. The Marudagans have praised you faithfully. (64)