हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 33.78

अध्याय 33 → मंत्र 78 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
ब्रह्मा॑णि मे म॒तयः॒ शꣳसु॒तासः॒ शुष्म॑ऽइयर्त्ति॒ प्रभृ॑तो मे॒ऽअद्रिः॑।आ शा॑सते॒ प्रति॑ हर्य्यन्त्यु॒क्थेमा हरी॑ वहत॒स्ता नो॒ऽअच्छ॑ ॥ (७८)
आप के पुत्रों की बुद्धि सुखदायी है. हम ने पत्थरों से कूट कर सोमरस निचोड़ा है. आप अपने हरे घोड़ों को साधिए, जोतिए और यहां पधारने की कृपा कीजिए. हम आप के लिए उक्थ मंत्र गाते हैं. (७८)
The intellect of your sons is pleasant. We have squeezed someras with stones. You can plant your green horses, plough them and please come here. We sing ukth mantra for you. (78)