यजुर्वेद (अध्याय 33)
तदिदा॑स॒ भुव॑नेषु॒ ज्येष्ठं॒ यतो॑ ज॒ज्ञऽ उ॒ग्रस्त्वे॒षनृ॑म्णः।स॒द्यो ज॑ज्ञा॒नो निरि॑णाति॒ शत्रू॒ननु॒ यं विश्वे॒ मद॒न्त्यूमाः॑ ॥ (८०)
इंद्र देव भुवनों में ज्येष्ठ, उग्र व शत्रुनाशक हैं. यज्ञ में रक्षा करने वाले सभी देवगण उन को प्रसन्न करते हैं. संसार में इंद्र देव सब का कल्याण करते हैं. (८०)
Indra Dev is the eldest of the bhuvanas, fierce and hostile. All the gods who protect them in the yajna please them. Indra Dev does good to everyone in the world. (80)