यजुर्वेद (अध्याय 33)
अद॑ब्धेभिः सवितः पा॒युभि॒ष्ट्वꣳ शि॒वेभि॑र॒द्य परि॑ पाहि नो॒ गय॑म्।हिर॑ण्यजिह्वः सुवि॒ताय॒ नव्य॑से॒ रक्षा॒ माकि॑र्नोऽअ॒घश॑ꣳसऽईशत ॥ (८४)
हे सविता देव! आप सोने की जीभ वाले और कल्याणदायी हैं. आप हमारे घरों की सब ओर से रक्षा करते हैं. आप हमारी रक्षा कीजिए. पापी हम पर कब्जा न जमा सकें. हम आप को बारबार नमन करते हैं. (८४)
O Savita Dev! You are gold-tongued and well-being. You protect our homes from all sides. You protect us. Sinners cannot take over us. We bow to you again and again. (84)