हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 34.37

अध्याय 34 → मंत्र 37 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उ॒तेदानीं॒ भग॑वन्तः स्यामो॒त प्र॑पि॒त्वऽउ॒त मध्ये॒ऽअह्ना॑म्।उ॒तोदि॑ता मघव॒न्त्सूर्य्य॑स्य व॒यं दे॒वाना॑ सुम॒तौ स्या॑म ॥ (३७)
हम सूर्य की कृपा से सद्बुद्धि वाले व धनवान हो जाएं. हम उन की कृपा से सूर्योदय में धन प्राप्त करें हम उन की कृपा से मध्याहन और सूर्यास्त में धन संपन्न हों. (३७)
We become good-minded and wealthy by the grace of the sun. We should get money in sunrise by his grace, we should be rich in midday and sunset by his grace. (37)