हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 34.39

अध्याय 34 → मंत्र 39 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सम॑ध्व॒रायो॒षसो॑ नमन्त दधि॒क्रावे॑व॒ शुच॑ये प॒दाय॑।अ॒र्वा॒ची॒नं व॑सु॒विदं॒ भगं॑ नो॒ रथ॑मि॒वाश्वा॑ वा॒जिन॒ऽआ व॑हन्तु ॥ (३९)
हम उषाकाल में यज्ञ व नमन करते हैं. हम उषाकाल में पवित्र गतिविधियां संपन्न करते हैं. जैसे अशववान रथ गतिशील रहते हैं, वैसे ही भग देव हमें प्राचीन और श्रेष्ठ धन वाला बनाने की कृपा करें. (३९)
We perform yajna and bow down in ushakal. We carry out sacred activities in ushakal. Just as the asavanavati chariots are moving, may God bless us to make us old and with superior wealth. (39)