यजुर्वेद (अध्याय 34)
प॒थस्प॑थः॒ परि॑पतिं वच॒स्या कामे॑न कृ॒तोऽअ॒भ्यानड॒र्कम्।स नो॑ रासच्छु॒रुध॑श्च॒न्द्राग्रा॒ धियं॑ धियꣳ सीषधाति॒ प्र पू॒षा ॥ (४२)
पूषा देव हमारे पथ प्रदर्शक हैं. मंत्र से कामना किए जाने पर वे राक्षसों का नाश करते हैं और शत्रुनाशक साधन प्रदान करते हैं. वे हमारी बुद्धि को श्रेष्ठ कार्यो में साधने की कृपा करें. (४२)
Pusha Dev is our guide. When desired with a mantra, they destroy the demons and provide enemy-destroying means. May they please use our intellect in the best of work. (42)