यजुर्वेद (अध्याय 34)
तद्विप्रा॑सो विप॒न्यवो॑ जागृ॒वासः॒ समि॑न्धते।विष्णो॒र्यत्प॑र॒मं प॒दम् ॥ (४४)
जो ब्राह्मण जाग्रत हो कर यज्ञ विधान करते हुए जीवन यापन करते हैं, वे ब्राह्मण विष्णु देव के परम धाम को प्राप्त करते हैं. (४४)
Brahmins who wake up and live by performing yajna vidhi, they attain the ultimate abode of Brahmin Vishnu Dev. (44)