हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 36.21

अध्याय 36 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
नम॑स्तेऽअस्तु वि॒द्युते॒ नम॑स्ते स्तनयि॒त्नवे॑।नम॑स्ते भगवन्नस्तु॒ यतः॒ स्वः स॒मीह॑से ॥ (२१)
हे परमात्मा! आप को नमस्कार. बिजली की तरह चमकने वाले व गड़गड़ाने वाले परमात्मा आप को नमस्कार. हे भगवन! आप को नमस्कार. हे भगवन! आप को बारबार नमस्कार. (२१)
O God! Hello to you. Salutations to god who shines like lightning and thunders. O Lord! Hello to you. O Lord! Hello to you again and again. (21)