हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 39.7

अध्याय 39 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
उ॒ग्रश्च॑ भी॒मश्च॒ ध्वान्तश्च॒ धुनि॑श्च।सा॒स॒ह्वाँश्चा॑भियु॒ग्वा च॑ वि॒क्षिपः॒ स्वाहा॑ ॥ (७)
वायु उग्र, भीम, घनघोर शब्द करने बाले हैं, कंपकंपा देने वाले सभी को हरा देने वाले व शत्रुओं पर आक्रमण करने बाले हैं. शत्रुओं को छिन्नभिन्न कर सकने बाले हैं. उन वायु के लिए हम आहुति समर्पित करते हैं. (७)
The air is fierce, Bhim, the one who makes a loud word, the one who defeats all who shivers and attacks the enemies. There are those who can break away enemies. We dedicate sacrifices to those air. (7)