यजुर्वेद (अध्याय 7)
अच्छि॑न्नस्य ते देव सोम सु॒वीर्य॑स्य रा॒यस्पोष॑स्य ददि॒तारः॑ स्याम। सा प्र॑थ॒मा सँस्कृ॑तिर्वि॒श्ववा॑रा॒ स प्र॑थ॒मो वरु॑णो मि॒त्रोऽअ॒ग्निः ॥ (१४)
हे सोम! आप अनंत शक्तिमान, श्रेष्ठ वीर्यवान व धन के पोषक हैं. हम आप के लिए सदा हवि देने बाले हैं. विशव पर वारने योग्य यह हमारी आद्य (पहली) संस्कृति हैं. वरुण, मित्र व अग्नि प्रथम देव हैं. (१४)
O Mon! You are infinitely powerful, superior and nurturing wealth. We are always there for you. This is our first culture worthy of the world. Varuna, Mitra and Agni are the first gods. (14)