यजुर्वेद (अध्याय 9)
शन्नो॑ भवन्तु वा॒जिनो॒ हवे॑षु दे॒वता॑ता मि॒तद्र॑वः स्व॒र्काः। ज॒म्भय॒न्तोऽहिं॒ वृक॒ꣳ रक्षा॑सि॒ सने॑म्य॒स्मद्यु॑यव॒न्नमी॑वाः ॥ (१६)
बलवान घोड़े हमारे लिए सुखदायी हों. वे दैवी आहुतियों में और भी सुशोभित हों. ये घोड़े भेड़ियों की तरह आक्रमण करने वाले शत्रुओं को दूर करने की कृपा करें. सांप जैसे विशवासघातियों से हमारी रक्षा करें. विघ्न करने वालों को हम से दूर करने की कृपा करें. (१६)
May strong horses be happy for us. May they be even more adorned in divine sacrifices. May these horses be kind enough to ward off invading enemies like wolves. Protect us from traitors like snakes. Please remove those who disturb us. (16)