यजुर्वेद (अध्याय 9)
अ॒स्मे वो॑ऽअस्त्विन्द्रि॒यम॒स्मे नृ॒म्णमु॒त क्रतु॑र॒स्मे वर्चा॑सि सन्तु वः। नमो॑ मा॒त्रे पृ॑थि॒व्यै नमो॑ मा॒त्रे पृ॑थि॒व्याऽइ॒यं ते॒ राड्य॒न्तासि॒ यम॑नो ध्रु॒वोऽसि ध॒रुणः॑। कृ॒ष्यै त्वा॒ क्षेमाय॑ त्वा र॒य्यै त्वा॒ पोषा॑य त्वा ॥ (२२)
पृथ्वी माता आप को नमस्कार. पृथ्वी माता के लिए नमस्कार. आप के धन हमें प्राप्त हों. आप की क्षमता, तेजस्विता च अनुशासन हमें प्राप्त हो. आप स्थिर और धारणशील हैं. हम कृषि और अपनी कुशल क्षेम के लिए आप की शरण में आते हैं. हम धन प्राप्ति व अपने पोषण के लिए आप की शरण में आते हैं. (२२)
Hello Mother Earth to you. Hello to Mother Earth. May we receive your money. May we have your ability, brilliance and discipline. You are stable and stable. We come to your shelter for agriculture and our well-being. We come to your refuge to get wealth and nurture ourselves. (22)