अथर्ववेद (कांड 10)
स॑प्तऋ॒षीन॒भ्याव॑र्ते । ते मे॒ द्रवि॑णं यच्छन्तु॒ ते मे॑ ब्राह्मणवर्च॒सम् ॥ (३९)
मैं सप्त ऋषियों का अनुवर्तन करता हूं. वे मुझे धन प्रदान करें एवं ब्रह्म तेज दें. (३९)
I follow the Sapta Rishis. They should give me money and give Brahm tej. (39)