अथर्ववेद (कांड 10)
ब्राह्म॒णाँ अ॒भ्याव॑र्ते । ते मे॒ द्रवि॑णं यच्छन्तु॒ ते मे॑ ब्राह्मणवर्च॒सम् ॥ (४१)
मैं ब्राह्मणों के अनुकूल आचरण करता हूं. वे ब्राह्मण मुझे धन एवं ब्रह्म तेज प्रदान करे. (४१)
I behave according to Brahmins. May those Brahmins give me wealth and brahm radiance. (41)