हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 10.7.5

कांड 10 → सूक्त 7 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 10)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
क्वार्धमा॒साः क्व यन्ति॒ मासाः॑ संवत्स॒रेण॑ स॒ह सं॑विदा॒नाः । यत्र॒ यन्त्यृ॒तवो॒ यत्रा॑र्त॒वाः स्क॒म्भं तं ब्रू॑हि कत॒मः स्वि॑दे॒व सः ॥ (५)
संवत्सर के साथ मिलते हुए अर्धमास अर्थात्‌ पक्ष एवं मास कहां चले जाते हैं? ये ऋतुएं और ऋतुओं से संबंधित पदार्थ कहां चले जाते हैं? उस परमात्मा के विषय में बताओ कि वह क्या है? (५)
Where do the ardhamas i.e. paksha and month go together with samvatsar? Where do these seasons and the substances related to the seasons go? Tell me about that God, what is He? (5)