अथर्ववेद (कांड 10)
क्रो॒डौ ते॑ स्तां पुरो॒डाशा॒वाज्ये॑ना॒भिघा॑रितौ । तौ प॒क्षौ दे॑वि कृ॒त्वा सा प॒क्तारं॒ दिवं॑ वह ॥ (२५)
हे शतौदना गौ! तेरे पिछले दोनों भाग घी से सिंचित हैं एवं पुरोडाश हैं. हे देवी! उन्हें पंख बना कर तू पालनकर्ता को स्वर्ग में ले जा. (२५)
O Shataudana Gau! Both your hind parts are irrigated with ghee and purodash. O Goddess! Make them wings and take the Sustainer to heaven. (25)