अथर्ववेद (कांड 11)
शिरो॒ हस्ता॒वथो॒ मुखं॑ जि॒ह्वां ग्री॒वाश्च॒ कीक॑साः । त्व॒चा प्रा॒वृत्य॒ सर्वं॒ तत्सं॒धा सम॑दधान्म॒ही ॥ (१५)
शीश को, दोनों हाथों को, मुख को, जीभ को, गरदन को, हङ्डियों को एवं उस सारे शरीर को त्वचा से ढक कर इस के निर्माण कर्ता देवता ने आपस में जोड़ दिया. (१५)
Covering the head, both hands, mouth, tongue, neck, bones and all that body with skin, the god who created it connected together. (15)