अथर्ववेद (कांड 11)
मा नो॑ रुद्र त॒क्मना॒ मा वि॒षेण॒ मा नः॒ सं स्रा॑ दि॒व्येना॒ग्निना॑ । अ॒न्यत्रा॒स्मद्वि॒द्युतं॑ पातयै॒ताम् ॥ (२६)
हे रुद्र! ज्चर के द्वारा, विष के द्वारा एवं बिजली रूपी दिव्य तेज के द्वारा हमारा स्पर्श मत करो. तुम अपने प्रकाश युक्त आयुध को हमें छोड़ कर अन्यत्र गिराओ. (२६)
O Rudra! Do not touch us through the poison, through the poison and through the divine radiance of electricity. You drop your light-containing armament elsewhere leaving us. (26)