हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
तस्यौ॑द॒नस्य॒ बृह॒स्पतिः॒ शिरो॒ ब्रह्म॒ मुख॑म् ॥ (१)
विराट्‌ के रूप में कल्पित ओदन अर्थात्‌ भात का शीश बृहस्पति और मुख ब्रह्म है. (१)
The idol conceived in the form of Virata means the mirror of rice is Jupiter and the mouth is Brahma. (1)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
द्यावा॑पृथि॒वी श्रो॒त्रे सू॑र्याचन्द्र॒मसा॒वक्षि॑णी सप्तऋ॒षयः॑ प्राणापा॒नाः ॥ (२)
द्यावा पृथ्वी उस ओदन के दोनों कान, सूर्य, चंद्रमा दोनों आंखें और सात ऋषि उस के प्राण तथा अपान वायु हैं. (२)
The earth is the two ears of that ocean, the sun, the moon, both the eyes and the seven sages are his life and his air. (2)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
चक्षु॒र्मुस॑लं॒ काम॑ उ॒लूख॑लम् ॥ (३)
इस प्रकार की महिमा वाले ओदन का मूसल चक्षु और उलूखल कान हैं. (३)
The pestle of odan with this kind of glory is the eye and the ulukhal ears. (3)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
दितिः॒ शूर्प॒मदि॑तिः शूर्पग्रा॒ही वातोऽपा॑विनक् ॥ (४)
असुरों की माता इस का सूप हैं, देव माता अदिति उस सूप को पकड़ने वाली हैं और वायु चावलों और भूसी का विवेचन करने वाले हैं. (४)
The mother of asuras is its soup, Dev Mata Aditi is going to catch that soup and discuss air rice and husk. (4)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
अश्वाः॒ कणा॒ गाव॑स्तण्डु॒ला म॒शका॒स्तुषाः॑ ॥ (५)
ओदन संबंधी कण अश्व, चावल गाय और भूसी मशक अर्थात्‌ मच्छर हैं. (५)
Ody particles are horses, rice cows and husks are mosquitoes. (5)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
कब्रु॑ फली॒कर॑णाः॒ शरो॒ऽभ्रम् ॥ (६)
इस ओदन का फलीकरण ही कब्रु नामक प्राणी है, जिस के सिर और भौंहों में भेद नहीं होता. आकाश में घूमता हुआ मेरु ही उस का सिर है. (६)
The fruitification of this odan is a creature called Grave, whose head and eyebrows do not differentiate. Meru is his head moving in the sky. (6)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
श्या॒ममयो॑ऽस्य मां॒सानि॒ लोहि॑तमस्य॒ लोहि॑तम् ॥ (७)
खनित्र अथवा फावड़े का काले रंग का लोहा इस विराट रूप ओदन का मांस और लाल रंग का तांबा इस का रक्त है. (७)
The black colored iron of the miner or shovel is the flesh of this huge form odan and the red colored copper is its blood. (7)

अथर्ववेद (कांड 11)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
त्रपु॒ भस्म॒ हरि॑तं॒ वर्णः॒ पुष्क॑रमस्य ग॒न्धः ॥ (८)
ओदन पकाने के पश्चात होने वाली राख जस्ता है, सोना इस ओदन का रंग है और कमल इस की गंध है. (८)
The ash after cooking the odan is zinc, gold is the color of this odan and lotus is the smell of it. (8)
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