अथर्ववेद (कांड 11)
तेषां॑ प्र॒ज्ञाना॑य य॒ज्ञम॑सृजत ॥ (४)
प्रजापति ने उन तैंतीस देव लोकों का साक्षात्कार करने के लिए यज्ञ की रचना की. (४)
Prajapati composed the yajna to interview those thirty-three devlokas.
कांड 11 → सूक्त 5 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation