अथर्ववेद (कांड 12)
ये त॑ आर॒ण्याः प॒शवो॑ मृ॒गा वने॑ हि॒ताः सिं॒हा व्या॒घ्राः पु॑रु॒षाद॒श्चर॑न्ति । उ॒लं वृकं॑ पृथिवि दु॒च्छुना॑मि॒त ऋ॒क्षीकां॒ रक्षो॒ अप॑ बाधया॒स्मत् ॥ (४९)
जो व्याघ्र आदि हिंसक पशु घूमते हैं, उन को और व्रक अर्थात् भेड़ियों, भालुओं और राक्षसों को हम से दूर कर के बाधा पहुंचाओ. (४९)
Remove the tigers and violent animals that roam around, that is, wolves, bears and demons from us. (49)