हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.11.11

कांड 12 → सूक्त 11 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 11
अ॒ग्निरे॑नं क्र॒व्यात्पृ॑थि॒व्या नु॑दता॒मुदो॑षतु वा॒युर॒न्तरि॑क्षान्मह॒तो व॑रि॒म्णः ॥ (११)
इस अपहरण करने वाले को वायु अंतरिक्ष और पृथ्वी से खदेड़ दे तथा क्रव्याद अग्नि इसे भस्म कर दे. (११)
Drive this kidnapper out of air space and earth, and let the agni devour it. (11)