अथर्ववेद (कांड 12)
यथाया॑द्यमसाद॒नात्पा॑पलो॒कान्प॑रा॒वतः॑ ॥ (३)
हे अघ्न्या! तेरा अपहरण करने वाला यम के लोकों और पाप के घरों को प्राप्त हो. (३)
O Aghnya! May the one who kidnaps you receive the realms of Yama and the houses of sin. (3)
कांड 12 → सूक्त 11 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation