हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 12.11.8

कांड 12 → सूक्त 11 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 12)

अथर्ववेद: | सूक्त: 11
मां॒सान्य॑स्य शातय॒ स्नावा॑न्यस्य॒ सं वृ॑ह ॥ (८)
हे अघ्न्या! तू अपने अपहरणकर्ता के मांस को काट कर उस की नसों को सुखा दे. (८)
O Aghnya! Cut off the flesh of your abductor and dry his veins. (8)