अथर्ववेद (कांड 12)
सर्वा॑न्त्स॒मागा॑ अभि॒जित्य॑ लो॒कान्याव॑न्तः॒ कामाः॒ सम॑तीतृप॒स्तान् । वि गा॑हेथामा॒यव॑नं च॒ दर्वि॒रेक॑स्मि॒न्पात्रे॒ अध्युद्ध॑रैनम् ॥ (३६)
हे ओदन! तू सभी लोकों पर विजय प्राप्त करता हुआ आ. तू हमारी सभी इच्छाओं को पूरी तरह तृप्त कर. कलछी को घुमाते हुए पतिपत्नी ओदन को निकाल कर पात्र में स्थित करें. (३६)
O O O! May You conquer all the worlds. May You fully satisfy all our desires. While rotating the kalchi, remove the husband and wife odan and place it in the vessel. (36)