अथर्ववेद (कांड 13)
कृ॒ष्णायाः॑ पु॒त्रो अर्जु॑नो॒ रात्र्या॑ व॒त्सोजा॑यत । स ह॒ द्यामधि॑ रोहति॒ रुहो॑ रुरोह॒ रोहि॑तः ॥ (२६)
काले रंग की रात्रि का पुत्र प्रकाशमान सूर्य हुआ है. लाल रंग वाला वह वृद्धि करने वाले सब से ऊपर चढ़ा है. वही निश्चित रूप से द्युलोक पर चढ़ता है. (२६)
The son of a black night has become a shining sun. The red color is the highest of all growth. He certainly climbs the duloka. (26)