अथर्ववेद (कांड 13)
पा॒पाय॑ वा भ॒द्राय॑ वा॒ पुरु॑षा॒यासु॑राय वा ॥ (१४)
तुम पापियों को, कल्याणकारी पुरुष को, असुर को और ओषधियों को उत्पन्न करते हो. (१४)
You produce sinners, welfare men, asuras and medicines. (14)
कांड 13 → सूक्त 7 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation