अथर्ववेद (कांड 13)
तावां॑स्ते मघवन्महि॒मोपो॑ ते त॒न्वः श॒तम् ॥ (१६)
तुम मघवन अर्थात् इंद्र हो. तुम सैकड़ों देवों से युक्त हो और महिमा के द्वारा महान हो. (१६)
You are Maghvan i.e. Indra. You are full of hundreds of gods and great by glory. (16)
कांड 13 → सूक्त 7 → मंत्र 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation