अथर्ववेद (कांड 13)
अ॒न्नाद्ये॑न॒ यश॑सा॒ तेज॑सा ब्राह्मणवर्च॒सेन॑ ॥ (५)
तुम मुझे खानपान, यश, तेज और ब्रह्मवर्चस से युक्त करो. (५)
You equip me with food, fame, glory and brahmavarchas. (5)
कांड 13 → सूक्त 9 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation