अथर्ववेद (कांड 14)
सू॒र्याया॑वह॒तुः प्रागा॑त्सवि॒ता यम॒वासृ॑जत् । म॒घासु॑ ह॒न्यन्ते॒ गावः॒ फल्गु॑नीषु॒व्युह्यते ॥ (१३)
सविता देव ने जिस को भेजा था, सूर्या का वह उपहार आगे गया है. मघा नक्षत्र में गाएं भेजी जाती हैं और फाल्गुनी नक्षत्रों में विवाह होता है. (१३)
The gifts, which Savita Dev had sent to Surya, has gone ahead. Cows are sent in Magha Nakshatra and marriage takes place in Falguni Nakshatra. (13)