अथर्ववेद (कांड 14)
यथा॒सिन्धु॑र्न॒दीनां॒ साम्रा॑ज्यं सुषु॒वे वृषा॑ । ए॒वा त्वं॑ स॒म्राज्ञ्ये॑धि॒पत्यु॒रस्तं॑ प॒रेत्य॑ ॥ (४३)
जिस प्रकार शक्तिशाली सागर नदियों पर शासन करता है, उसी प्रकार तू भी अपने पति के घर पहुंच कर सम्राज्ञी बनती हुई निवास कर. (४३)
Just as the mighty ocean rules over rivers, so you too should reach your husband's house and live as a empress. (43)