अथर्ववेद (कांड 15)
सोऽव॑र्धत॒ सम॒हान॑भव॒त्स म॑हादे॒वोऽभ॑वत् ॥ (४)
वह वृद्धि को प्राप्त हुआ. वही महान और महादेव हुआ. (४)
He received the rise. He became great and Mahadev. (4)
कांड 15 → सूक्त 1 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation