अथर्ववेद (कांड 15)
अतो॒ वैबृह॒स्पति॑मे॒व ब्र॑ह्म॒ प्रावि॑श॒दिन्द्रं॑ क्ष॒त्रं ॥ (५)
तब ब्रह्म बल बृहस्पति में और क्षात्र बल इंद्र में प्रविष्ट हुए. (५)
Then Brahma force entered Jupiter and Kshatra force entered Indra. (5)
कांड 15 → सूक्त 10 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation