अथर्ववेद (कांड 15)
वि॒राजा॑न्ना॒द्यान्न॑मत्ति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (१०)
इस बात को जानने वाला अन्नाद विराट के द्वारा अन्न का भक्षण करता है. (१०)
Annad, who knows this, eats food through Virat. (10)
कांड 15 → सूक्त 14 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation