हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 15.17.5

कांड 15 → सूक्त 17 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 15)

अथर्ववेद: | सूक्त: 17
तस्य॒व्रात्य॑स्य।योऽस्य॑ पञ्च॒मो व्या॒नस्त ऋ॒तवः॑ ॥ (५)
इस का पांचवां व्यान ऋतु हैं. (५)
This is the fifth vyan season. (5)