अथर्ववेद (कांड 15) अथर्ववेद: 15.17.6 | सूक्त: 17 तस्य॒व्रात्य॑स्य।योऽस्य॑ ष॒ष्ठो व्या॒नस्त आ॑र्त॒वाः ॥ (६)इस का छठा व्यान आर्तव है. (६) The sixth time of this is artava. (6)