अथर्ववेद (कांड 15)
उषाः पुं॑श्च॒लीमन्त्रो॑ माग॒धो वि॒ज्ञानं॒ वासोऽह॑रु॒ष्णीषं॒ रात्री॒ केशा॒ हरि॑तौ प्रव॒र्तौक॑ल्म॒लिर्म॒णिः ॥ (१३)
उस की उषा स्त्री, मंत्र प्रशंसक, विज्ञान वस्त्र, दिन पगड़ी, रात्रि केश, किरण कुंडल तथा तारे मणि के समान होते हैं. (१३)
Her usha is like a woman, mantra fan, science clothes, day turban, night hair, kiran kundal and stars gem. (13)