अथर्ववेद (कांड 15)
की॒र्तिश्च॒ यश॑श्चपुरःस॒रावैनं॑की॒र्तिर्ग॑च्छ॒त्या यशो॑ गच्छति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२८)
जो इस बात को जानता है कीर्ति और यश उस के आगे चलने वाले होते हैं. कीर्ति उस के पास आती है और यश उस के समीप आता है. (२८)
Kirti and Yash are going to walk ahead of him who knows this. Kirti comes to him and Yash comes near him. (28)