हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 15.3.10

कांड 15 → सूक्त 3 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 15)

अथर्ववेद: | सूक्त: 3
तस्य॑ देवज॒नाःप॑रिष्क॒न्दा आस॑न्त्संक॒ल्पाः प्र॑हा॒य्या॒ विश्वा॑नि भू॒तान्यु॑प॒सदः॑ ॥ (१०)
संकल्प उस के दूत बने तथा सभी प्राणी उस के साथ बैठने वाले हुए. (१०)
Resolve became his messenger and all beings were going to sit with him. (10)