हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
तेनै॑नंविध्या॒म्यभू॑त्यैनं विध्यामि॒ निर्भू॑त्यैनं विध्यामि॒ परा॑भूत्यैनं विध्यामि॒ग्राह्यै॑नं विध्यामि॒ तम॑सैनं विध्यामि ॥ (१)
मैं इस अर्थात्‌ बुरे स्वप्र को अभिचार कर्म अर्थात्‌ जादूटोने से, दुर्गति से, दरिद्रता से तथा रोग से विद्ध करता हूं. (१)
I am protecting this evil self from abhichar karma i.e. witchcraft, evil, poverty and disease. (1)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
दे॒वाना॑मेनंघो॒रैः क्रू॒रैः प्रै॒षैर॑भि॒प्रेष्या॑मि ॥ (२)
मैं इस बुरे स्वप्र को देवताओं की भयंकर आज्ञाओं के सामने उपस्थित करता हूं. (२)
I present this evil self before the terrible commandments of the gods. (2)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
वै॑श्वान॒रस्यै॑नं॒ दंष्ट्र॑यो॒रपि॑ दधामि ॥ (३)
मैं इस बुरे स्वप्न को वैश्वानर अर्थात्‌ अग्नि की दाढ़ों में डालता हूं. (३)
I put this bad dream in the vines of Vaishvanar i.e. agni. (3)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
ए॒वाने॒वाव॒ साग॑रत् ॥ (४)
वैश्वानर इस बुरे स्वप्र को निगल जाएं. (४)
Vaishvanar swallow this bad self.. (4)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
योस्मान्द्वेष्टि॒ तमा॒त्मा द्वे॑ष्टु॒ यं व॒यं द्वि॒ष्मः स आ॒त्मानं॑ द्वेष्टु ॥ (५)
जो हम से द्वेष करता हो, उस से आत्मा द्वेष करे. जिस से हम द्वेष करते हैं, वह आत्मा सेद्वेष करे. (५)
The soul should hate the one who hates us. The one we hate should hate the soul. (5)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
निर्द्वि॒षन्तं॑दि॒वो निः पृ॑थि॒व्या निर॒न्तरि॑क्षाद्भजाम ॥ (६)
जो हम से द्वेष करता है, उसे हम आकाश, पृथ्वी और अंतरिक्ष से दूर भगाते हैं. (६)
We drive away the one who hates us from the sky, earth and space. (6)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
सुया॑मंश्चाक्षुष ॥ (७)
हे उत्तम नियामक और निरीक्षक! मैं बुरे स्वप्न से होने वाले फल को अमुक गोत्र वाले तथा अमुक स्त्री के पुत्र के पास भेजता हूं. (७)
O best regulator and inspector! I send the fruit of the bad dream to the son of such a tribe and such a woman. (7)

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
इ॒दम॒हमा॑मुष्याय॒णे॒मुष्याः॑ पु॒त्रे दुः॒ष्वप्न्यं॑ मृजे ॥ (८)
हे उत्तम नियामक और निरीक्षक! मैं बुरे स्वप्न से होने वाले फल को अमुक गोत्र वाले तथा अमुक स्त्री के पुत्र के पास भेजता हूं. (८)
O best regulator and inspector! I send the fruit of the bad dream to the son of such a tribe and such a woman. (8)
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