हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 16.7.2

कांड 16 → सूक्त 7 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 16)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
दे॒वाना॑मेनंघो॒रैः क्रू॒रैः प्रै॒षैर॑भि॒प्रेष्या॑मि ॥ (२)
मैं इस बुरे स्वप्र को देवताओं की भयंकर आज्ञाओं के सामने उपस्थित करता हूं. (२)
I present this evil self before the terrible commandments of the gods. (2)